बालाघाट में विशाल निरंकारी सत्संग, जिलेभर से पहुंची साध संगत
बालाघाट। संत निरंकारी मंडल ब्रांच बालाघाट के तत्वावधान में मंगलवार 22 सितंबर को शाम 6:30 से रात 9 बजे तक निरंकारी सत्संग भवन बालाघाट में विशाल निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देहरादून से पहुंचे ज्ञान प्रचारक महात्मा आदरणीय ज्ञानेश्वर गुरुंग जी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
सत्संग में बालाघाट जिले की विभिन्न शाखाओं के साथ रेंगाटोला, कासपुर सहित करीब 20 से अधिक अनरजिस्टर्ड ब्रांचों से साध संगत ने सहभागिता की। इस दौरान महात्मा ज्ञानेश्वर गुरुंग ने सद्गुरु के संदेश को साध संगत तक पहुंचाते हुए कहा कि जहां प्रेम होता है, वहीं परमात्मा का वास होता है। परमात्मा के प्रति प्रेम बढ़ने के साथ ही मनुष्य की प्रभु से नजदीकी भी बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने का सबसे सरल साधन उसके प्रति सच्चा प्रेम और समर्पण है। उन्होंने श्री कृष्ण जी, मीरा जी और प्रभु श्री राम माता शबरी जी के प्रेम भाव का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चे प्रेम में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। प्रेम, सेवा और मानवता के भाव को जीवन में अपनाकर ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित साध संगत ने महात्मा के विचारों का लाभ लिया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर-प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसका साध संगत ने आनंद लिया। उक्ताशय की जानकारी संत निरंकारी मिशन बालाघाट के मीडिया प्रभारी दुर्गेश अम्बाडकर द्वारा दी गई।