पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी एफआईआर पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग; पुलिस कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग
बालाघाट। किरनापुर थाना क्षेत्र में महिला से कथित मारपीट और इसके विरोध में हुए प्रदर्शन, पथराव तथा पुलिस कार्रवाई का मामला लगातार चर्चा में है। सोमवार 21 सितंबर 2026 को स्थानीय सर्किट हाउस में सावित्री चौधरी अपने पति कैलाश चौधरी के साथ मीडिया के सामने पहुंचीं। उनके साथ पूर्व सांसद कंकर मुंजारे भी मौजूद रहे। सावित्री ने पुलिस पर मारपीट और दबाव बनाने के आरोप लगाए, जबकि मुंजारे ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। किरनापुर में 15 सितंबर के प्रदर्शन और पथराव के मामले में पुलिस ने मुंजारे समेत 63 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
थाने बुलाने और मारपीट का आरोप
सावित्री चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि चोरी की घटना वाले दिन वह अपने घर पर सिलाई का काम कर रही थीं। उनका कहना है कि बाद में पति कैलाश चौधरी को 2 सितंबर को घर से ले जाया गया और उनके माध्यम से फोन करवाकर उन्हें थाने बुलाया गया। सावित्री का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें पकड़े रखा, जबकि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की।
अपराध कबूल कराने का दबाव लगाने का दावा
सावित्री ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उनसे अपराध स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया गया। उनके अनुसार पति कैलाश को फांसी पर लटकाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। सावित्री का दावा है कि इसी दबाव में उन्होंने चोरी का अपराध स्वीकार किया। उन्होंने अपने साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने की बात भी कही।
मामले में पुलिस की ओर से पहले भी कार्रवाई सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सावित्री और उनके पति से पूछताछ के दौरान कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी और चार पुलिसकर्मियों के निलंबन की जानकारी भी सामने आई थी।
मुंजारे ने एफआईआर को बताया गलत
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि 15 सितंबर को किरनापुर में पथराव और तनाव की घटना के बाद वे मौके पर पहुंचे थे। उनका कहना है कि वे घटना की जानकारी मिलने के बाद वहां पहुंचे और मंच से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान उनकी भूमिका नहीं थी, इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्टों में भी मुंजारे द्वारा अपने खिलाफ दर्ज प्रकरण पर सवाल उठाने की बात सामने आई है।
मुंजारे ने कैलाश चौधरी के खिलाफ दर्ज प्रकरण को लेकर भी सवाल उठाते हुए घटना के समय उनकी मौजूदगी और एफआईआर के आधार की जांच की मांग की। उन्होंने पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
15 सितंबर के प्रदर्शन के दौरान किरनापुर थाने पर पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने मुंजारे समेत 63 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में जांच जारी होने की बात कही है। पत्रकार वार्ता में सावित्री, उनके पति और पूर्व सांसद ने अपने-अपने पक्ष रखे। सावित्री ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि मुंजारे ने एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।