डॉ. रश्मि वाघमारे और डॉ. निलय जैन पर शिकायतकर्ता ने लगाए आरोप, अब तक 2.25 लाख रुपये खर्च होने का दावा
बालाघाट। मंगलवार 22 सितंबर 2026 को आयोजित जनसुनवाई में कोसमी निवासी विकास भारद्वाज ने अपनी पत्नी के उपचार में कथित लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में शासकीय जिला चिकित्सालय बूढ़ी बालाघाट की चिकित्सक डॉ. रश्मि वाघमारे तथा डॉ. निलय जैन के विरुद्ध जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने उपचार में कथित लापरवाही से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति दिलाने की भी मांग की है।
आवेदन के अनुसार विकास भारद्वाज की पत्नी राखी भारद्वाज को पहली डिलीवरी के लिए 30 जुलाई 2026 को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक 3 अगस्त को डॉ. रश्मि वाघमारे द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद पुत्री का जन्म हुआ। आरोप है कि ऑपरेशन के करीब दो दिन बाद राखी के पेट में तेज दर्द होने लगा और ऑपरेशन के स्थान के साथ मलमार्ग से भी पस निकलने लगा। परिजनों ने इसकी जानकारी अस्पताल की संबंधित चिकित्सक को दी। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें आगे उपचार के लिए निजी अस्पताल जाने की सलाह दी गई।
इसके बाद 13 अगस्त को परिजन राखी को बालाघाट के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच के बाद चिकित्सकों ने पूर्व में हुए ऑपरेशन में समस्या होने की बात बताते हुए दोबारा ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों की सहमति के बाद 14 अगस्त को पुनः ऑपरेशन किया गया। आवेदन के अनुसार राखी करीब नौ दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहीं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और पस निकलना जारी रहा।
विकास भारद्वाज ने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन क्रमांक 40150854 पर भी शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार जांच की जिम्मेदारी डॉ. निलय जैन को सौंपी गई। हालांकि, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच में संबंधित चिकित्सक की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि शिकायत में उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।
स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बाद 24 अगस्त को राखी को मेडिकल कॉलेज नागपुर ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्तमान में भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
आवेदन में विकास ने स्वयं को गरीब मजदूर और बीपीएल परिवार से संबंधित बताते हुए कहा कि पत्नी के उपचार पर अब तक करीब 2 लाख 25 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। यह राशि रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से जुटाई गई है।
जनसुनवाई में शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष चिकित्सकीय जांच, दोष निर्धारित होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा अब तक हुए और आगे होने वाले उपचार के खर्च की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। साथ ही पत्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार में प्रशासन से सहयोग की मांग भी की गई है।